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नदी तुम बहती रहो अविरल
नदी तुम बहती रहो अविरल।
जीवन तुमसे़ हो सदा मंगल।।
होने नहीं देगें तुम्हें कभी दूषित।
बहती रहो सदा यों ही स्वच्छ निर्मल।।
इसी कामना एवं संकल्प के साथ श्री अग्रसेन विद्यालय में 30 वें वार्षिकोत्सव के रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन उमंग एवं उल्लासपूर्वक किया गया।
श्री अग्रसेन विद्यालय के इस कला मंच पर बच्चों ने ऐसी कलात्मक एवं मनमोहक प्रस्तुतियाॅं दी, जिनमें युगों युगों से प्रवाहित हो रही अमृतमयी पावन नदियों के विविध रंग थे। पारम्परिक वेषभूषा में सजे बच्चे उनका हार्दिक उत्साह रोषनी बिखेरती उनकी मुस्कुराहटें सचमुच अप्रतिम थी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ज्वाला की संस्थापक अध्यक्ष एवं स्त्रीरोग विषेषज्ञ श्रीमती दिव्या गुप्ता थी जिन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नदियाॅं हमारी जीवन दायिनी जलधारा है। इस प्रासंगिक विषय वस्तु पर छात्रों ने सबका ध्यान आकर्षित करके मंच से बहुत सुंदर संदेष जनमानस को दिया है। हर प्राणी अगर वसुंधरा कि घुटन को महसुस करे तो प्लास्टिक का उपयोग एवं नदियों में बढ रहा प्रदूषण अवष्य कम होगा। आपने कहा कि हमारी प्राचीन परम्परा कपडों की थैलियों का उपयोग फिर से षुरु करके हम सभी को पर्यावरण संरक्षण का संदेष दे सकते है।
विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्राचार्या श्रीमती मृदुला पाटनी द्वारा प्रस्तुत की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आरम्भ संगीत की सुमधुर स्वर लहरियों के साथ आर्केस्ट्रा से हुआ। नर्मदाष्टक, कालियामर्दन,छोटी सी हमारी नदी, नमोब्रम्हपुत्र नृत्य, गंगास्तुति, अंगे्रजी नाटक आदि के माध्यम से विद्यार्थियों ने भाव विभोर प्रस्तुतियाॅं दी।
हिंदी नाटक समुद्र मंथन के माध्यम से सुत्रधार दादी पोती ने कुंभ का मेला कब लगता है ? बारा वर्ष में ही क्यों लगता है ? किन चार स्थानों पर लगता है ? उज्जैन में कुंभ के मेले को सिंहस्थ क्यों कहा जाता है ? जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्काॅलरषिप एवं पुरस्कार से प्रतिभावान छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने पिछले सत्र के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में विषेष योग्यता हासिल की। कार्यक्रम में अवार्ड एवं स्काॅलरषिप को प्रायोजित करने वाले विषिष्टजन भी उपस्थित थे। स्वागत भाषण विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री गोपालदासजी मित्तल ने दिया।
मुख्य अतिथि एवं सम्माननीय अतिथियों का तिलक एवं श्रीफल से स्वागत विद्यालय के विद्यार्थियों ने किया। मुख्य अतिथि को विद्यालय द्वारा प्रदत्त स्मृति चिन्ह विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य श्रीमान ओमप्रकाषजी अग्रवाल द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति कृतज्ञता विद्यालय प्रबंध समिति के मानद सचिव श्रीमान विजयनारायणजी मित्तल ने ज्ञापित की। कार्यक्रम का संचालन अनुष्का गोस्वामी, हर्ष सुराना, मानस अग्रवाल, अवनी जैन, अथर्व श्रो़ित्रय, विषेष नागदा एवं सृष्टि सिंघल ने किया।


